पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में 10 अक्टूबर की रात एक निजी मेडिकल कॉलेज की सेकंड ईयर छात्रा के साथ सामूहिक बलात्कार की घटना ने राज्य और देश को झकझोर दिया। पुलिस ने इस मामले में आरोपियों फिरदौस शेख, रियाजुद्दीन, अपु बाउरी और शफ़ीउल को गिरफ्तार किया है। घटना के समय पीड़िता अपने एक पुरुष मित्र के साथ हॉस्टल से बाहर डिनर करने गई थी। रास्ते में, आरोपियों ने दोनों का पीछा किया और उस समय पीड़िता के पुरुष मित्र ने मौका पाकर वहां से भाग गया। इसके बाद आरोपियों ने पीड़िता को अगवा कर उसके साथ दुष्कर्म किया।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस घटना पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए विवादित बयान दिया कि “लड़कियों को रात में बाहर जाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।” उन्होंने कहा कि लड़की निजी मेडिकल कॉलेज में पढ़ रही थी और उसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी कॉलेज की थी। ममता ने यह भी सवाल उठाया कि रात के 12:30 बजे लड़की कैसे बाहर आ गई। हालांकि, BJP का कहना है कि घटना शाम 8 बजे हुई थी। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और जांच जारी है।
ममता बनर्जी ने कहा कि वह लड़की निजी मेडिकल कॉलेज में पढ़ रही थी, इसलिए निजी मेडिकल कॉलेज की जिम्मेदारी है। सीएम ने कहा कि कि वह रात के 12.30 बजे कैसे बाहर आ गई। जहां तक मुझे पता है कि यह वन क्षेत्र में हुआ था, इसलिए 12.30 बजे मुझे नहीं पता कि क्या हुआ। इसकी जांच जारी है। पुलिस जांच कर रही है, किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
ममता बनर्जी ने कहा है कि लड़कियों को रात में बाहर जाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। बनर्जी ने कहा कि इस मामले में उनकी सरकार को घसीटना सही नहीं है क्योंकि लड़की की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी मेडिकल कॉलेज की थी। बनर्जी ने कहा कि विशेष रूप से बच्चियों को रात के समय बाहर जाने नहीं देना चाहिए। उन्हें भी खुद की सुरक्षा करनी चाहिए। ममता ने इस घटना को शॉकिंग बताते हुए कहा कि इस घटना में शामिल लोगों को बख्शा नहीं जाएगा. इस तरह के अपराध को लेकर हमारी जीरो टॉरलेंस पॉलिसी है।
पीड़िता ओडिशा की रहने वाली है और दुर्गापुर के निजी मेडिकल कॉलेज में सेकंड ईयर की छात्रा है। घटना कॉलेज परिसर के बाहर हुई। फिलहाल पीड़िता का इलाज पास के एक अस्पताल में चल रहा है। पिता ने भावुक होकर बताया कि उनकी बेटी बार-बार कह रही है कि वह जीना नहीं चाहती और डर है कि वह खुद को नुकसान पहुंचा सकती है। उन्होंने कहा कि बेटी को सुरक्षित जगह, जैसे भुवनेश्वर, ले जाना चाहिए।
राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने भी इस मामले में हस्तक्षेप किया और कहा कि पीड़िता के पुरुष मित्र की भूमिका संदिग्ध है। आयोग की सदस्य अर्चना मजूमदार ने कहा कि “जिस लड़के ने उसे बाहर बुलाया था, वही उसे खतरे में छोड़कर भाग गया। पुलिस को उसकी भूमिका की भी जांच करनी चाहिए।”
भाजपा नेताओं ने ममता बनर्जी के बयान पर कड़ी आपत्ति जताई है। अमित मालवीय ने कहा कि “ममता बनर्जी झूठ बोल रही हैं। घटना रात 12:30 बजे नहीं बल्कि 8 बजे हुई। मुख्यमंत्री अपराधियों को बचाने की कोशिश कर रही हैं और महिलाओं की सुरक्षा से ज्यादा राजनीति को तवज्जो दे रही हैं।” प्रदीप भंडारी ने लिखा कि “जब बंगाल की बेटियां सुरक्षित नहीं हैं, तब मुख्यमंत्री को गृह मंत्री के पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।” विपक्षी नेता सुवेंदु अधिकारी सोमवार को दुर्गापुर का दौरा करेंगे।
ममता बनर्जी ने अपने बयान के बाद कहा कि उन्हें गलत तरीके से पेश किया गया। उन्होंने दोहराया कि “हमारी सरकार महिलाओं की सुरक्षा के लिए सख्त है। पुलिस ने इस मामले में तेजी से कार्रवाई की है और दोषियों को कड़ी सजा मिलेगी।”

