केंद्र सरकार देश के करोड़ों वेतनभोगी कर्मचारियों को होली और नए वित्त वर्ष का बड़ा तोहफा देने की तैयारी में है। श्रम मंत्रालय के उच्चपदस्थ सूत्रों के अनुसार, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) अपने ईपीएफओ 3.0 सुधारों के तहत एक अत्याधुनिक मोबाइल एप्लीकेशन लॉन्च करने जा रहा है। इस नई सेवा की सबसे बड़ी विशेषता यह होगी कि अब कर्मचारी अपने भविष्य निधि (PF) खाते से यूपीआई (UPI) पेमेंट गेटवे के जरिए तत्काल निकासी कर सकेंगे।
मार्च अंत तक लॉन्चिंग, अप्रैल से शुरू होगी सेवा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस नए मोबाइल ऐप की टेस्टिंग प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में है। वर्तमान में 100 से अधिक डमी (Dummy) खातों पर इसका सफल ट्रायल किया जा रहा है। सरकार की योजना है कि मार्च 2026 के अंत तक इसे आधिकारिक तौर पर पेश कर दिया जाए और अप्रैल से आम यूजर्स के लिए इसे लाइव कर दिया जाए। यह ऐप सीधे यूजर के बैंक खाते और भीम (BHIM) समेत अन्य यूपीआई ऐप्स से लिंक होगा, जिससे फंड ट्रांसफर की प्रक्रिया बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के पूरी हो सकेगी।
निकासी के नए नियम: 25% राशि रहेगी फ्रीज
नए लेबर कोड और ईपीएफओ के संशोधित प्रावधानों के तहत, खाताधारकों को पूरी राशि निकालने की अनुमति नहीं होगी। सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा लाभों को ध्यान में रखते हुए:
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खाताधारक अपने कुल ईपीएफ बैलेंस का 75 प्रतिशत तक हिस्सा यूपीआई के जरिए निकाल सकेंगे।
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कुल जमा राशि का 25 प्रतिशत हिस्सा खाते में ‘फ्रीज’ कर दिया जाएगा, जिसे निकालना अनिवार्य सीमा के दायरे में नहीं होगा।
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नौकरी छूटने की स्थिति में, शेष 25 प्रतिशत राशि को 12 महीने की अवधि पूरी होने के बाद ही निकाला जा सकेगा।
उमंग (UMANG) से अलग और अधिक तेज होगा यह ऐप
वर्तमान में ईपीएफ निकासी के लिए कर्मचारी यूएएन (UAN) पोर्टल या उमंग ऐप का सहारा लेते हैं। नया ऐप इन दोनों से पूरी तरह अलग और अधिक एडवांस होगा। अभी पीएफ क्लेम के सेटलमेंट में कई दिनों का समय लगता है, लेकिन नए ऐप में यूपीआई एकीकरण के कारण यह प्रक्रिया ‘इंस्टेंट’ या तत्काल होगी। हालांकि, वर्तमान में जारी पोर्टल और उमंग की सेवाएं भी यथावत चालू रहेंगी, जिससे कर्मचारियों के पास विकल्प मौजूद रहें।
7.5 करोड़ सक्रिय सदस्यों को मिलेगा सीधा लाभ
ईपीएफओ के पास वर्तमान में लगभग 26 लाख करोड़ रुपये का विशाल फंड है और इसके सक्रिय योगदानकर्ताओं की संख्या करीब 7.5 करोड़ है। मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, ईपीएफओ हर साल 5 करोड़ से अधिक दावों का निपटान करता है। हाल ही में संगठन ने ऑटो-सेटलमेंट की सीमा को 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दिया था। अब यूपीआई सेवा शुरू होने से दावों के निपटान में लगने वाला समय और दफ्तरों के चक्कर काटने की जरूरत पूरी तरह खत्म हो जाएगी।
कैसे काम करेगा नया सिस्टम?
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कर्मचारी को नया ईपीएफओ ऐप डाउनलोड कर अपना यूएएन और बैंक खाता लिंक करना होगा।
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निकासी के विकल्प पर जाकर राशि दर्ज करनी होगी (जो पात्रता के अनुसार 75% तक हो सकती है)।
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यूपीआई पिन के माध्यम से ट्रांजेक्शन को प्रमाणित करना होगा।
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राशि तत्काल कर्मचारी के लिंक किए गए बैंक खाते में क्रेडिट हो जाएगी।
सरकार का यह कदम डिजिटल इंडिया और ‘ईज ऑफ लिविंग’ की दिशा में एक क्रांतिकारी बदलाव माना जा रहा है, जिससे आपात स्थिति में कर्मचारियों को अपनी ही जमा पूंजी के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

