Homeराज्यउत्तर प्रदेशजिन मुनव्वर राणा ने किया था 3...

जिन मुनव्वर राणा ने किया था 3 तलाक कानून का विरोध, उनकी हिबा राणा को दिया गया 3 तलाक

By:
स्वास्तिक सहारा वेब डेस्क
मुनव्वर राणा की पुत्री हिबा राणा ने लखनऊ के सआदतगंज थाने में अपने पति और ससुराल पक्ष के खिलाफ दहेज उत्पीड़न और 'तीन तलाक' का गंभीर मामला दर्ज कराया है। कभी तीन तलाक कानून का विरोध करने वाली हिबा ने अब इसी कानून के तहत न्याय की गुहार लगाई है, जिससे सोशल मीडिया पर वैचारिक बहस छिड़ गई है।

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। मशहूर शायर स्वर्गीय मुनव्वर राणा की पुत्री हिबा राणा ने अपने पति सैय्यद मोहम्मद साकिब और ससुराल वालों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है। हिबा राणा का आरोप है कि उन्हें लंबे समय से दहेज के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था और अंततः उनके पति ने उन्हें ‘तीन तलाक’ देकर घर से बाहर निकाल दिया।

दहेज की निरंतर मांग और प्रताड़ना का आरोप

हिबा राणा द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी (FIR) के अनुसार, उनके निकाह के समय उनके पिता ने अपनी सामर्थ्य के अनुसार भारी मात्रा में नकद और सोने-चांदी के आभूषण उपहार स्वरूप दिए थे। बावजूद इसके, ससुराल पक्ष की लालसा कम नहीं हुई। आरोप है कि उनके पति और ससुर की नजर हमेशा दहेज पर बनी रही। हिबा ने पुलिस को बताया कि उनसे बार-बार 20 लाख रुपये नकद और एक फ्लैट की मांग की जा रही थी।

शिकायत में कहा गया है कि जब भी इन मांगों का विरोध किया जाता था, तो उनके साथ मारपीट की जाती थी। हिबा ने अपना घर बचाने के उद्देश्य से कई बार समझौते भी किए, लेकिन उनकी चुप्पी ने ससुराल वालों के हौसले और बुलंद कर दिए।

9 अप्रैल 2025 की घटना: तीन तलाक और बच्चों को बंधक बनाना

मामले में सबसे गंभीर मोड़ 9 अप्रैल 2025 को आया। हिबा राणा के अनुसार, उस दिन उनके पति सैय्यद मो. साकिब ने उनके साथ गाली-गलौज की और बेरहमी से मारपीट की। इसी विवाद के दौरान साकिब ने कथित तौर पर तीन बार ‘तलाक’ शब्द का उच्चारण कर हिबा को वैवाहिक संबंधों से बेदखल करने की घोषणा की और उन्हें घर से धक्के मारकर बाहर निकाल दिया।

इतना ही नहीं, हिबा ने बेहद संवेदनशील आरोप लगाते हुए कहा कि उनके दो मासूम बच्चों को एक कमरे में बंद कर दिया गया ताकि वे अपनी मां के पास न जा सकें। सूचना मिलने पर जब हिबा की बहन अर्शिया राणा मौके पर पहुंचीं, तो आरोपी साकिब और अधिक उग्र हो गया और जान से मारने की धमकी देने लगा।

विवादों के घेरे में वैचारिक रुख: विरोध से समर्थन तक

इस मामले के सामने आते ही सोशल मीडिया पर एक नई बहस छिड़ गई है। दरअसल, हिबा राणा और उनकी बहन सुमैया राणा ने पूर्व में केंद्र सरकार द्वारा लाए गए ‘ट्रिपल तलाक’ (मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण अधिनियम) कानून का कड़ा विरोध किया था। उस समय उनका तर्क था कि पति को जेल भेजने से परिवार और बच्चों का भरण-पोषण कौन करेगा।

अब, जबकि हिबा ने स्वयं उसी कानून के तहत पुलिस से सुरक्षा और न्याय की मांग की है, नेटिज़न्स उनकी पुरानी टिप्पणियों को साझा कर रहे हैं। आलोचकों का सवाल है कि जिस कानून को उन्होंने कभी गलत ठहराया था, आज उसी कानून का सहारा लेना उनकी वैचारिक विरोधाभास को दर्शाता है।

पुलिस की कार्रवाई और वर्तमान स्थिति

लखनऊ के सआदतगंज थाना प्रभारी (SHO) के अनुसार, हिबा राणा की तहरीर पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत और गंभीर धाराओं के तहत मामला पंजीकृत कर लिया गया है। पुलिस फिलहाल साक्ष्यों का संकलन कर रही है और पीड़िता के बयानों के आधार पर जांच को आगे बढ़ा रही है। हिबा राणा ने अपनी और अपने बच्चों की जान को खतरा बताते हुए प्रशासन से सुरक्षा की भी मांग की है।

Latest news
Related news

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here