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श्वेत क्रांति 2.0 की दिशा में ऐतिहासिक कदम: 75,000 गांवों तक पहुंचेगा एनडीडीबी का सहकारिता मॉडल

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) के अध्यक्ष डॉ. मीनेश शाह ने देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए संस्थान की हीरक जयंती (60 वर्ष) पर महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि एनडीडीबी ने बीते छह दशकों में भारत को दूध उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने में अहम योगदान दिया है और अब “श्वेत क्रांति 2.0” के माध्यम से डेयरी क्षेत्र में नई ऊर्जा का संचार किया जा रहा है।

श्वेत क्रांति 2.0 का संकल्प

डॉ. शाह ने बताया कि श्वेत क्रांति 1.0 ने भारत को दूध उत्पादन में आत्मनिर्भरता दिलाई थी। अब श्वेत क्रांति 2.0 का लक्ष्य है कि 75,000 नए गांवों में डेयरी सहकारी समितियां स्थापित की जाएं, जिससे ग्रामीण किसानों को सीधे बाजार से जोड़ा जा सके। यह पहल केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और केंद्रीय मत्स्य, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री की उपस्थिति में शुरू की गई है। इससे किसानों को बेहतर दाम, संगठित विपणन और टिकाऊ आय के अवसर प्राप्त होंगे।

मेक इन इंडिया पर जोर

एनडीडीबी नवाचार को डेयरी क्षेत्र का मुख्य आधार मानकर आगे बढ़ रहा है। डॉ. शाह ने बताया कि “मेक इन इंडिया” के अंतर्गत कई तकनीकी सुधार किए गए हैं।

  • गौसॉर्ट तकनीक: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लॉन्च किया गया यह स्वदेशी सेक्स-सॉर्टेड सीमेन किसानों के लिए सस्ती और सुलभ तकनीक है। पहले इसकी कीमत लगभग 800 रुपये प्रति डोज थी, जो अब घटकर लगभग 250 रुपये रह जाएगी।

  • यूनिफाइड जीनोमिक चिप: प्रधानमंत्री द्वारा लॉन्च यह तकनीक बछिया की दुग्ध उत्पादन क्षमता का आकलन करने में मदद करेगी। इससे पशुपालकों को उच्च उत्पादकता वाले पशुओं का चयन करने में सुविधा होगी।

  • रेडी-टू-यूज कल्चर तकनीक: एनडीडीबी और उसकी सहायक कंपनी IDMC लिमिटेड द्वारा विकसित यह तकनीक डेयरी उत्पाद निर्माण को और सरल व गुणवत्तापूर्ण बनाएगी। हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इसका उद्घाटन किया।

राज्यों में विस्तार

डॉ. शाह ने जानकारी दी कि एनडीडीबी ने असम, झारखंड, वाराणसी दुग्ध संघ और महानंदा (महाराष्ट्र) जैसे क्षेत्रों में डेयरी विकास कार्यों को गति दी है। इसके अतिरिक्त, लद्दाख, मणिपुर, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश की सरकारों ने भी डेयरी संचालन प्रबंधन की जिम्मेदारी एनडीडीबी को सौंपी है।

सहायक कंपनियों की भूमिका

एनडीडीबी की सहायक कंपनियां भी डेयरी मूल्य श्रृंखला को सशक्त बना रही हैं।

  • मदर डेयरी ने नागपुर में नया डेयरी प्लांट और इटोला में फल-सब्जी संयंत्र शुरू किया है।

  • इंडियन इम्यूनोलॉजिकल्स लिमिटेड ने वैक्सीन उद्योग में महत्वपूर्ण प्रगति करते हुए नया वैक्सीन निर्माण संयंत्र स्थापित किया है।

महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता

डॉ. शाह ने कहा कि एनडीडीबी सहकारी समितियों में महिलाओं की भागीदारी और नेतृत्व को बढ़ावा दे रहा है। वर्तमान में 23 उत्पादक संगठन महिला बोर्ड सदस्यों के नेतृत्व में संचालित हो रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी भारत के महिला डेयरी संगठनों को सराहना मिली है।

  • श्रीजा महिला मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी को अमेरिका में आयोजित “वर्ल्ड डेयरी समिट” में सम्मानित किया गया।

  • आशा महिला मिल्क प्रोड्यूसर संगठन को पेरिस में अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार मिला।

किसान फर्स्ट की नीति

एनडीडीबी के अध्यक्ष ने जोर देकर कहा कि संस्था की सभी योजनाएं “किसान फर्स्ट” नीति पर आधारित हैं। इसका उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना, महिलाओं को सशक्त बनाना और डेयरी क्षेत्र में टिकाऊ विकास सुनिश्चित करना है। डॉ. शाह ने कहा कि आने वाले वर्षों में एनडीडीबी नवाचार और विस्तार को केंद्र में रखकर डेयरी क्षेत्र को नई ऊंचाई देगा।

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