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नहीं रहे अजित दादा पवार, प्लेन क्रैश में Ajit Pawar सहित 5 लोगों की मौत

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स्वास्तिक सहारा वेब डेस्क
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का आज सुबह बारामती में एक भीषण विमान दुर्घटना में निधन हो गया। मुंबई से बारामती जा रहा उनका चार्टर्ड विमान लैंडिंग के दौरान क्रैश हो गया, जिससे अजित पवार और 4 अन्य लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। इस दुखद घटना के बाद महाराष्ट्र सरकार ने तीन दिनों के राजकीय शोक की घोषणा की है। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री समेत तमाम नेताओं ने इसे देश के लिए बड़ी क्षति बताया है।

महाराष्ट्र की राजनीति के लिए आज का बुधवार एक अत्यंत दुखद खबर लेकर आया। राज्य के उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के कद्दावर नेता अजित पवार का आज सुबह एक विमान दुर्घटना में निधन हो गया। यह हादसा उनके गृह क्षेत्र बारामती में हुआ, जहाँ उनका चार्टर्ड प्लेन लैंडिंग के दौरान क्रैश हो गया। इस दुर्घटना में अजित पवार सहित विमान में सवार सभी 5 लोगों की मौत हो गई है। राज्य सरकार ने इस त्रासदी के बाद तीन दिनों के राजकीय शोक की घोषणा की है।

हादसा कैसे और कब हुआ? प्राप्त जानकारी और नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) की शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार, अजित पवार एक ‘बॉम्बार्डियर लियरजेट 45’ (Bombardier Learjet 45) विमान में सवार थे। यह विमान मुंबई से बारामती के लिए उड़ा था। विमान को सुबह लगभग 8:45 बजे बारामती हवाई अड्डे पर लैंड करना था।

प्रत्यक्षदर्शियों और एयरपोर्ट सूत्रों के मुताबिक, विमान रनवे पर लैंडिंग का प्रयास कर रहा था, लेकिन दृश्यता (Visibility) कम होने या तकनीकी खराबी के कारण एप्रोच सही नहीं रहा। पायलट ने कथित तौर पर लैंडिंग के दौरान विमान पर नियंत्रण खो दिया। विमान रनवे के पास जमीन से टकराया और उसमें तुरंत जोरदार धमाका हुआ। टक्कर इतनी भीषण थी कि विमान के परखच्चे उड़ गए और वह आग का गोला बन गया।

घटनास्थल पर मौजूद एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया, “विमान हवा में ही कुछ अस्थिर लग रहा था। जैसे ही वह नीचे आया, एक तेज धमाके की आवाज आई और चारों तरफ धुआं और आग फैल गई। हम मदद के लिए दौड़े, लेकिन आग इतनी भयानक थी कि किसी को भी बाहर निकालना नामुमकिन था।”

विमान में कौन-कौन सवार था? दुर्घटनाग्रस्त विमान ‘VSR वेंचर्स’ द्वारा संचालित किया जा रहा था, जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर VT-SSK बताया गया है। इस हादसे में अजित पवार (66 वर्ष) के अलावा उनके निजी सुरक्षा अधिकारी (PSO), एक अटेंडेंट और दो पायलट (कैप्टन सुमित कपूर और कैप्टन शाम्भवी पाठक) की भी मौत हो गई है। बचाव दल ने काफी मशक्कत के बाद शवों को बरामद किया, जिन्हें पहचान के लिए स्थानीय अस्पताल भेजा गया।

राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर अजित पवार के निधन की खबर फैलते ही पूरे महाराष्ट्र और देश के राजनीतिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई।

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए लिखा, “अजित पवार जी का असामयिक निधन अत्यंत स्तब्ध करने वाला है। वे जन-जन के नेता थे और जमीनी स्तर पर उनकी पकड़ बहुत मजबूत थी। महाराष्ट्र के विकास में उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा।”

  • मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस घटना को व्यक्तिगत क्षति बताते हुए कहा कि उन्होंने एक सक्षम सहयोगी और दोस्त खो दिया है। राज्य सरकार ने उनके सम्मान में 30 जनवरी तक तीन दिवसीय राजकीय शोक की घोषणा की है, जिस दौरान राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा।

  • बारामती से सांसद और उनकी चचेरी बहन सुप्रिया सुले खबर मिलते ही दिल्ली से बारामती के लिए रवाना हो गईं। एनसीपी प्रमुख शरद पवार और परिवार के अन्य सदस्य भी घटनास्थल पर पहुँच रहे हैं।

अजित पवार, जिन्हें उनके समर्थक प्यार से ‘दादा’ कहते थे, महाराष्ट्र की राजनीति में अपनी स्पष्टवादिता और प्रशासनिक कुशलता के लिए जाने जाते थे। 1991 से बारामती का प्रतिनिधित्व कर रहे अजित पवार ने राज्य के वित्त, जल संसाधन और ऊर्जा जैसे महत्वपूर्ण विभागों को संभाला था। वे अपने काम की गति और फाइलों के त्वरित निपटान के लिए मशहूर थे।

आज वे आगामी जिला परिषद चुनावों के मद्देनजर बारामती में चार जनसभाओं को संबोधित करने के लिए जा रहे थे, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। उनका जाना न केवल उनके परिवार और पार्टी के लिए, बल्कि पूरे महाराष्ट्र की राजनीति के लिए एक अपूरणीय क्षति है।

नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए ‘एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो’ (AAIB) को जांच के आदेश दे दिए हैं। डीजीसीए की एक विशेष टीम घटनास्थल पर पहुँचकर ब्लैक बॉक्स और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर की तलाश कर रही है ताकि यह साफ हो सके कि हादसे की असल वजह खराब मौसम था या कोई तकनीकी विफलता।

फिलहाल, बारामती शहर पूरी तरह से बंद है और अपने नेता को अंतिम विदाई देने के लिए हजारों की संख्या में समर्थक उमड़ पड़े हैं। उनका अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा।

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