असाधारण प्रतिभा और अकादमिक उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से, ग्लोबल स्कूल्स ग्रुप (जीएसजी) द्वारा नई दिल्ली के एयरोसिटी में एक आधिकारिक समारोह का आयोजन किया गया। इस समारोह में प्रतिष्ठित ग्लोबल सिटीजन स्कॉलरशिप (जीसीए) के 19वें संस्करण के अंतर्गत चयनित नए प्राप्तकर्ताओं को औपचारिक रूप से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से कुल 12 उत्कृष्ट विद्यार्थियों का चयन किया गया है, जो सिंगापुर में अपनी सीनियर सेकेंडरी (कक्षा 11 और 12) की शिक्षा प्राप्त करने के लिए पूर्णतः वित्त पोषित अवसर प्राप्त करने में सफल रहे हैं।
वर्तमान वर्ष 2026 के इस छात्र समूह में भारत के विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों की सर्वश्रेष्ठ युवा प्रतिभाएं सम्मिलित हैं। चयनित 12 विद्यार्थियों में से आठ विद्यार्थी सिंगापुर स्थित जीआईआईएस स्मार्ट कैंपस में अपनी शिक्षा प्राप्त करेंगे, जबकि चार विद्यार्थियों को सिंगापुर के ओ.डब्ल्यू.आई.एस. डिजिटल कैंपस के लिए नामांकित किया गया है। इन विद्यार्थियों का चयन एक अत्यंत पारदर्शी और कठोर मूल्यांकन प्रक्रिया के माध्यम से किया गया है, जिसमें अकादमिक उत्कृष्टता, नेतृत्व क्षमता और समग्र विकास के मानकों को आधार बनाया गया। इस अवसर पर केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के कौशल शिक्षा एवं प्रशिक्षण निदेशक प्रो. बिस्वजीत साहा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। साथ ही ग्लोबल स्कूल्स ग्रुप के वरिष्ठ प्रबंधन अधिकारी भी मौजूद थे।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2008 में स्थापित यह छात्रवृत्ति कार्यक्रम, शिक्षा के क्षेत्र में समानता और उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित करने के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करता है। यह छात्रवृत्ति सीनियर सेकेंडरी शिक्षा के दो महत्वपूर्ण वर्षों के लिए 100 प्रतिशत ट्यूशन फीस, बोर्डिंग, लॉजिंग और जीवन-यापन के खर्चों को वहन करती है। इसके माध्यम से छात्र जीआईआईएस स्मार्ट कैंपस और ओ.डब्ल्यू.आई.एस. डिजिटल कैंपस, सिंगापुर में अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा प्राप्त करने में सक्षम होते हैं। वैश्विक बुनियादी ढांचे और उच्च कुशल संकायों से सुसज्जित ये संस्थान विद्यार्थियों को सीबीएसई और आईबी डीपी पाठ्यक्रमों में से चयन करने का विकल्प प्रदान करते हैं। इस विशेष कार्यक्रम के तहत छात्रों को बोर्डिंग व लॉजिंग के अतिरिक्त मासिक स्टाइपेंड भी दिया जाता है। इस दो वर्षीय पाठ्यक्रम अवधि के दौरान प्रत्येक छात्र पर कुल 1 करोड़ रुपये का निवेश किया जाता है, जो पूरी तरह से जीएसजी द्वारा वहन किया जाता है।
इस आयोजन में छात्रवृत्ति प्राप्तकर्ता विद्यार्थी, उनके अभिभावक, शिक्षक और ग्लोबल स्कूल्स ग्रुप के प्रतिनिधि सम्मिलित हुए। समारोह में न केवल विद्यार्थियों की उपलब्धियों की सराहना की गई, बल्कि भविष्य के वैश्विक लीडरों को आकार देने में शिक्षा की रूपांतरकारी भूमिका पर भी प्रकाश डाला गया।
ग्लोबल स्कूल्स ग्रुप के एकेडमिक्स डायरेक्टर प्रमोद त्रिपाठी ने आधिकारिक वक्तव्य में कहा कि ग्लोबल सिटीजन स्कॉलरशिप केवल एक वित्तीय सहायता नहीं है, बल्कि यह उन युवा प्रतिभाओं में एक रणनीतिक निवेश है जो भविष्य में नवाचार और नेतृत्व करने की क्षमता रखते हैं। चयनित छात्रों ने तीव्र गति से बदलती वैश्विक व्यवस्था के अनुकूल लचीलापन, जिज्ञासा और नैतिक मूल्य प्रदर्शित किए हैं। संस्थान इस शैक्षणिक यात्रा में उनका सहयोग करने के लिए प्रतिबद्ध है।
छात्रवृत्ति प्राप्त करने वाले एक विद्यार्थी ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह छात्रवृत्ति प्राप्त होना एक अत्यंत गौरवपूर्ण क्षण है। सिंगापुर में अंतरराष्ट्रीय स्तर के शैक्षिक अवसर और बहु-सांस्कृतिक वातावरण प्राप्त होने से उन्हें शैक्षणिक और व्यक्तिगत स्तर पर उन्नति करने का अवसर मिलेगा।
मुख्य अतिथि के रूप में सभा को संबोधित करते हुए सीबीएसई के कौशल शिक्षा एवं प्रशिक्षण निदेशक प्रो. बिस्वजीत साहा ने कहा कि इस प्रकार की छात्रवृत्तियां प्रारंभिक स्तर पर ही मेधावी प्रतिभाओं की पहचान करने और उन्हें तराशने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। नेतृत्व, रचनात्मकता, चरित्र निर्माण और अकादमिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देकर ऐसी पहलें विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा तथा भविष्य के वैश्विक कार्यबल की उभरती मांगों के अनुरूप तैयार करती हैं। उन्होंने सभी चयनित विद्यार्थियों को नए शैक्षणिक अध्याय की सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं।
ग्लोबल स्कूल्स ग्रुप के डिप्टी सीओओ राजीव कौल ने कहा कि यह स्कॉलरशिप कार्यक्रम इस तथ्य को प्रमाणित करता है कि प्रतिभा सर्वव्यापी है और सही अवसर मिलने पर वह वैश्विक मंच पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकती है। ये 12 विद्यार्थी भारतीय मेधा की महत्वाकांक्षा और दृढ़ संकल्प का प्रतिनिधित्व करते हैं। जीआईआईएस स्मार्ट कैंपस और ओ.डब्ल्यू.आई.एस. डिजिटल कैंपस, सिंगापुर में अपनी यात्रा शुरू करने वाले ये बच्चे न केवल अकादमिक रूप से उत्कृष्ट प्रदर्शन करेंगे, बल्कि समाज में सकारात्मक योगदान देने वाले संवेदनशील वैश्विक नागरिक के रूप में विकसित होंगे।

