मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले से एक बार फिर मानवता और सामाजिक सौहार्द को शर्मसार करने वाला ‘लव जिहाद’ का मामला प्रकाश में आया है। बड़वानी कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक हिंदू युवती ने स्थानीय पुलिस प्रशासन के समक्ष अपनी आपबीती सुनाते हुए एक मुस्लिम युवक और उसके परिवार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। युवती का आरोप है कि उसे न केवल प्रेम जाल में फंसाकर शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया, बल्कि उसे धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर करने और दो बार अवैध रूप से गर्भपात कराने का जघन्य कृत्य भी किया गया।
परीक्षा के दौरान शुरू हुई थी पहचान
पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, मामला सितंबर 2023 से शुरू हुआ था। पीड़िता की मुलाकात अमन खान नामक युवक से एक परीक्षा केंद्र पर हुई थी। मोबाइल नंबरों के आदान-प्रदान के बाद शुरू हुई सामान्य बातचीत धीरे-धीरे प्रगाढ़ संबंधों में बदल गई। आरोपी अमन खान ने युवती को अपने विश्वास में लेने के लिए शादी का झूठा वादा किया और बार-बार उसका शारीरिक शोषण किया।
हिंदू रीति-रिवाज का नाटक और विश्वासघात
पीड़िता का आरोप है कि जब उसने शादी के लिए दबाव बनाया, तो आरोपी अमन ने एक सोची-समझी साजिश के तहत हिंदू रीति-रिवाजों का ढोंग रचा। उसने युवती के माता-पिता के सामने उसे माला पहनाई और मांग में सिंदूर भरकर यह विश्वास दिलाया कि वह उसे अपनी पत्नी स्वीकार कर चुका है। इस घटनाक्रम का एक वीडियो भी सामने आया है, जो आरोपी की सोची-समझी साजिश की ओर इशारा करता है। पीड़िता इसी भरोसे में रही कि वह उसकी पत्नी है, लेकिन आरोपी लगातार उसका शोषण करता रहा।
दो बार गर्भपात और परिवार की संलिप्तता
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि इस दौरान पीड़िता दो बार गर्भवती हुई। आरोप है कि अमन खान ने धोखे से उसे गर्भपात की दवाइयां खिला दीं, जिससे उसकी कोख उजड़ गई। युवती ने बताया कि इस पूरे कृत्य में आरोपी की मां यास्मीन, चाचा मजहर और पिता आमिर खान भी शामिल थे। पीड़िता के अनुसार, आरोपी के परिजनों ने उसे स्पष्ट रूप से कह दिया था कि यदि वह मुस्लिम धर्म अपनाती है और बुर्का पहनती है, तभी उसे घर में प्रवेश दिया जाएगा।
सरकारी नौकरी मिलते ही दिखाया असली चेहरा
मामले में एक महत्वपूर्ण मोड़ तब आया जब आरोपी अमन खान को उसके पिता के स्थान पर अनुकंपा नियुक्ति मिल गई। बताया जा रहा है कि आरोपी वर्तमान में आगर मालवा कलेक्टर कार्यालय में तृतीय श्रेणी कर्मचारी (लिपिक) के पद पर कार्यरत है। नौकरी स्थायी होते ही आरोपी के तेवर बदल गए। जब पीड़िता ने अपने हक के लिए उसके घर जाने की जिद की, तो आरोपी और उसके परिवार ने धर्म परिवर्तन की अनिवार्य शर्त रख दी और ऐसा न करने पर उसे अपनाने से साफ इनकार कर दिया।
पुलिस की कार्रवाई और हिंदू संगठनों का आक्रोश
बड़वानी कोतवाली थाना प्रभारी बलजीत सिंह बिसेन ने पुष्टि की है कि पीड़िता की शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस प्रशासन हर पहलू की सूक्ष्मता से जांच कर रहा है। उधर, इस घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय हिंदू संगठनों में भारी रोष व्याप्त है। हिंदू संगठन के कार्यकर्ता कृष्णा गोले ने इसे ‘लव जिहाद’ का स्पष्ट मामला बताते हुए कहा कि यह प्रेम नहीं, बल्कि एक सुनियोजित षड्यंत्र है जिसके तहत हिंदू बेटियों का शारीरिक और मानसिक शोषण किया जा रहा है। संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि आरोपी की गिरफ्तारी और सख्त कानूनी कार्रवाई नहीं हुई, तो वे सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करेंगे।
वर्तमान में पुलिस आरोपी की आधिकारिक पदस्थापना की पुष्टि कर रही है और मामले में संलिप्त अन्य परिजनों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

